सामान्य जानकारी

जिपमर अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य विद्यालय

विभाग की पृष्ठभूमि की जानकारीः

जिपमर की अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य विद्यालय (जे.आई.एस.पी.एच) वर्ष 2014 में सममूल्य सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के जनन और रोगों के निवारण और स्वास्थ्य संवर्धन के लक्ष्य सहित ज्ञान प्रसारित करने के आशय से सन् 2014 में आरंभ हुई थी। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को उचित समाधान प्रदान करने तथा उसे आगे बढाने अनुसंधान प्रशिक्षण और सेवा के एकीकरण के लिए एक अभिज्ञात प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य का शैक्षिक संस्थान है ।  

जे.आई.एस.पी.हेच. का लक्ष्यः

  1. सार्वजनिक स्वास्थ्य वैज्ञानिकों, अभ्यास-कर्ताओं और नेताओं को सर्वोच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना
  2. इस देश और सभी राष्ट्रों के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नई खोजों को प्रोत्साहित करना
  3. समुदायों की स्वास्थ्य क्षमताओं एवं सेवाओं की सुदृढ़ीकरण
  4. जनता के हितों एवं मूलभूत अधिकारों के रूप में नीति वाद-विवाद की पहल करना, स्वास्थ्य जानकारी प्रसारित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जागरूकता फैलाना
  5. सतत मूल्य आधार समाधानों का जनन जो स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसंधान की नवप्रवर्तनों के माध्यम से मापनीय एवं प्रतिकृति बनाने योग्य हो

शैक्षिक कार्यक्रम

सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में वर्तमानकाल में मास्टर डिग्री (एम.पी.एच) प्रदान कर रहा है । इसमें वार्षिक तौर पर अधिकतम 30 विद्यार्थि होते हैं । प्रथम तीन बैच में कुल 64 विद्यार्थी थे,  जिन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण को सफलता पूर्वक पूर्ण किया है। वर्तमान के समय 55 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अन्य पाठ्यक्रमों (जिसमें अधिसदस्यता, पी.एच.डी और डी.आर.पी.एच शामिल है) को शीघ्र हीं आरंभ करने की योजना है।

इस वर्ष के विभागीय गतिविधियाँ

हम अपने विद्यार्थियों को कार्यशाला और स्वास्थ्य शिक्षा गतिविधियों के आयोजन में शामिल लगा रहे हैं पिछले एक वर्ष में एमपीहेच के प्रशिक्षणार्थी निम्न गतिविधियों में लगे हुए थे ।

  1. 1-4 अगस्त 2017 तक जिपमर अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य विद्यालय और निवारक तथा सामाजिक औषधि विभाग द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस आयोजित कार्यशाला में एमपीहेच छात्रों और संकायों ने सक्रीय रूप में भाग लिया ।
  2. 2017 सितंबर 26 से 29 तक चंडीगढ के पीजीआईएमईआर के सहयोग के साथ पीएसएम विभाग द्वारा सुदृढ स्वास्थ्य प्रणाली कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस आयोजित कार्यशाला में एमपीहेच के छात्रों और संकायों ने सक्रीयता पूर्वक भाग लिया ।
  3. 3.2018 को विल्लियनूर में वैश्विक टी.बी. दिवस मनाया गया । जिन टी.बी. रोगियों ने सफलता पूर्वक अपनी इलाज पूरी की थी उन्हें पुरस्कार दिये गये । इसका विषय था - टी.बी. मुक्त संसार के लिए नेताओं की चाह इस विभाग ने एमपीहेच छात्रों ने टी.बी और कौशल प्रदर्शन संबंधी पोस्टर की तैयारी की थी ।

अनुसंधान 

एक लेख के रूप में सभी एमपीहेच छात्र एक अनुसंधान परियोजना निकालते हैं । पिछले एक वर्ष में अनुसंधान परियोजना पूरी हुई ।

  1. पुदुच्चेरी क्षेत्र देखभाल अस्पतालों में उच्चरक्त चाप युक्त व्यक्तियों के बीच में रक्तचाप और उससे संबंधित प्रभाव के निकलकर उत्तम अवस्था पाने में असफलता - सक्रियात्मक अनुसंधान ।
  2. पैटर्न का यौन संचारित संक्रमण और स्थिति के साथी परीक्षण के बीच सह भागियों की एक नामित एस टी आई क्लिनिक, पुदुच्चेरी ।
  3. ग्रामीण आबाद के बीच प्रथम संपर्क के रूप मे जिपमर के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र - जागरूकता की तैयारी एवं उसके उपयोग के लिए अभ्यास के विषय में ।
  4. पुदुच्चेरी में अपशिष्ट के पुनर्वीकरण के केंद्र के कर्मचारियों के बीच में ई- अपशिष्ट प्रबंधन के ज्ञान एवं अभ्यास - एक अन्वेषणात्मक अध्ययन ।
  5. सरकारी प्रशिक्षण अस्पताल में स्नातकोत्तर पूर्व छात्रों और हित धारकों के बीच अंशदान की अनुमति - एक मिश्रित विधि अध्ययन ।
  6. पुदुच्चेरी शहरी स्कूलों में जीवन कौशल शिक्षा के कार्यान्वयन के लिए इच्छुक भूर्व पूर्व किशोर छात्रों और अशिक्षकों के बीच में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का प्रभाव ।
  7. पुदुच्चेरी महाविद्यालय जानेवाले छात्रों के बीच में संभावित पोलीसिस्टिक अंशदाय सिंड्रोल का बोझ ।
  8. जिपमर पुदुच्चेरी में निर्माण मजदूरों में शराब और तंबाकू उपयोग का प्रभाव ।
  9. पुदुच्चेरी क्षेत्रीय स्वास्थ्य देखभाल सुविधा पाने वाले चयनित मानसिक रोगियों के साथ देखभाल के लिए कर्मचारियों द्वारा किया गया खर्च ।
  10. पुदुच्चेरी शहरों में निजि स्वास्थ्य स्थापना (पीहेचई) के अनिवार्य यक्ष्म (टी.बी) केस अधिसूचना की स्थिति - क्रास अनुभागीय अध्ययन ।
  11. पुदुच्चेरी के शहरीय प्रारंभिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों में गैर संचारित रोगों के लिए अनुप्रस्थ शिक्षा प्राद्यौगिकी सामग्रियाँ की उपलब्धता एवं उपयोगिता । मिश्रित विधि अध्ययन ।
  12. पुदुच्चेरी के ग्रामीण लोगों के बीच में निद्रा विसंगति और उससे संबंधिच कारक की प्रधानता - समुदाय पर आधारित एक क्रास अनुभागीय अध्ययन ।
  13. पुदुच्चेरी के ग्रामीण क्षेत्रों के बूढों में आंशिक पूर्ण प्रचलित एडुनटुलिसम और उससे संबंधित उपचार की जरूरत - सामुदाय पर आधारित - मिश्रित विधि अध्ययन ।
  14. माता और किशोर बेटियों के बीच में यौवन प्रजनन स्वास्थ्य पुदुच्चेरी के विषय पर संचार में चुनौतियाँ ।
  15. चयनित सीओ टीपीए को अनुपालन का मूल्यांकन सिगरेट तथा अन्य तंबाकू उत्पादन अधिनियम शहर पुदुच्चेरी में विनियमन - वर्णनात्मक अध्ययन ।
  16. शहरी प्रारंभिक स्वास्थ्य केंद्रों में आनेवाले मधुमेह - मेल्टिलुस के वयस्कों के बीच में विरोधी मधुमेह दवाएँ और उससे संबंध में दृढ निश्चय का अनुपालन - क्रास अनुभागीय अध्ययन ।
  17. पुदुच्चेरी शहरी गंदी बस्ती में महिलाओं और उनके साथ - उनकी स्वास्थ्य हालत के साथ नौकरी की स्थिति ।
  18. नीजी चिकित्सकों के द्वारा इलाज पानेवाले रोगियों के बीच में उच्च रक्त चाप नियंत्रण की स्थिति और देखभाल की गुणवत्ता - जिपमर के शहरी क्षेत्र अभ्यास क्षेत्रों में - क्रास अनुभागीय अध्ययन ।
  19. प्रारंभिक देखभाल आबादी के बीच में प्रशिक्षित सहायक नर्स दाई के बीच चयनित दंत समस्या का निदान ।

अभ्यागत फैकल्टी

संस्थान की और बाहरी संस्थानों की अन्य विभागों द्वारा आयोजित पाठ्यक्रमों में संकाय और रेसिडेंसों को अतिथि प्राध्यापकों के रूप में नियमित आमंत्रित किया जाता है। पिछले एक वर्ष में निम्न संकाय ने एमपीहेच प्रशिक्षण के उद्द्श्य के दौरा किया है ।

क्रमांक

संकाय का नाम

आयोजित सत्र

1

डॉ गोविंदराजन, राज्य टी.बी नियंत्रण अधिकारी, सरकारी चेस्ट अस्पताल, पुदुच्चेरी

समीक्षित राष्ट्रीय ट्यूबरकुलोसिस नियंत्रण कार्यक्रम (आर.एन.टी.सी.पी) में आधुनिक उन्नतियाँ

2

श्रीमती सेल्वनायगी, सहायक निदेशक (लक्षित मध्यवर्तन), पोंडिचेरी एड्स नियंत्रण समाज

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अधीन लक्षित मध्यवर्तन

3

डाँ. सबेसन वेक्टर नियंत्रण अनुसंधान केंद्र से अन्य संकाय

एंटोमोलॉजी, जी.आई.एस, संग्रहालय का दौरा, एकीकृत वेक्टर प्रबंधन, क्षेत्र का दौरा इत्यादि

4

डॉ टी सुन्दररामन, डीन, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज, मुंबई

सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रबंधन एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार, स्वास्थ्य शासन एवं प्रबंधन, स्वास्थ्य के साझेदारी, वैश्विक स्वास्थ्य कवरेज

5

डॉ साईरा भानु, एस.एम.ओ. वैश्विक स्वास्थ्य संगठन

एएफपी और खसरा निगरानी

6

डॉ एस.एस. वासन, वरिष्ठ व्यापार विकास प्रबंधक, (खोज एवं नवोन्मेष) सार्वजनिक स्वास्थ्य, इंगलैंड । सहायक प्रोफसर, पी एवं एसएम जिपमर

स्वास्थ्य अर्थ शास्त्र

7

डॉ प्रताप साहू, स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार, अफगानिस्तान

सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन स्थिति में

8

डॉ चेरियन वरगीज़, समन्वयक, मेनेजमेण्ट आफ एनसीडी, डबल्यूहेचओ, जेनिवा

एनसीडी का प्रबंधन

9

श्री जेम्स टी.डी, स्वास्थ्य सूचना प्रणाली अधिकारी, स्वास्थ्य सूचना प्रणाली समाज की परियोजना, भारत

भौगोलिक सूचना प्रणाली

 

प्लेसमेंटः

जिपमर से एमपीहेच मे प्रशिक्षण पाकर स्नातक उपाधि पानेवाले 64 स्नातकोत्तरों में लगभग 82 प्रतिशत स्नातकगण राज्य स्वास्थ्य विभाग अनुसंधान के संगठन और द्विपक्षीय एजेंसियों से नोकरी के लिए लिए गए ।